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यह तो हम सभी बहुत अच्छी तरह से जानते हैं कि आजकल हम प्रदूषित वातावरण में रहते हैं, समय बचाने के लिए जंक फ़ूड और ready to eat food items का इस्तेमाल करते हैं जिनमे ज़रूरी पोषक तत्वों की कमी होती है हमारी दिन चर्या भी इतनी व्यस्त है कि पूरा दिन भागते दौड़ते कैसे निकल जाता है पता ही नहीं चलता, ऐसे में बालों से जुडी विभिन्न परेशानियां होना बहुत आम सी बात हो गयी है। बदलता मौसम, व्यायाम न करना, तनाव में रहना और नींद न लेना भी कुछ ऐसे कारण हैं जिनके बालों की चमक खत्म होजाती है और बाल रूखे सूखे बेजान होजाते हैं जो व्यक्ति की पर्सनालिटी को down कर सकते हैं। बालों की उन्ही समस्याओं में से एक है रुसी होना या डैंड्रफ, रुसी वास्तव में अपने आप में कोई बीमारी नहीं है लेकिन हाँ ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकती है और सही से ध्यान न देने पर हेयर फॉल का एक बड़ा कारण बन सकती है, और हेयर फॉल का मतलब तो आप जानते ही हैं बालों का अत्यधिक टूटना जिसके कारण आगे चलकर गंजापन (baldness) तक हो सकता है, इसीलिए रुसी का समय रहते इलाज करना और उसे बढ़ने न देना ही सबसे अच्छा उपाय होगा। इस आर्टिकल में हम आपको बतायंगे रुसी के कारण और साथ ही उसे रुकने के कुछ आयुर्वेदिक तरीके।

रुसी को medical language में seborrhea कहते हैं, दोस्तों, हमारे पूरे शरीर में dead skin cells का बनना और फिर उनके स्थान पर नयी स्किन का बनना एक natural process है ठीक वैसा ही स्कैल्प में भी होता है सिर की त्वचा में भी dead स्किन सेल्स बनती हैं जोकि पपड़ी या flakes या फिर crumbs के रूप में झड़ती रहती है और कन्धों पर बालों के ऊपर आसानी से देखी जासकती है, रुसी का यूँ बालों में दिखना या कपड़ों पर झड़ते दिखना हमारे self confidence को कम करता है और कभी कभी हमें शर्मिंदगी का सामना भी करना पड़ता है।
डैंड्रफ होने की कई वजह होसकती हैं जैसे hormonal imbalance, खानपान में बदलाव, ड्राई स्किन, गर्म पानी से सिर धोना, सूरज की किरणों के ज़्यादा सम्पर्क में रहना या फिर scarf का इस्तेमाल बहुत ज़्यादा करना जिसके कारण स्कैल्प को पर्याप्त हवा नहीं मिल पाती है। जब स्कैल्प में गंदगी जमा होजाती है या सिर में उपस्थित sebacious glands से बहुत ज़्यादा sebum प्रोडक्शन होता है और स्कैल्प oily होजाता है तो भी सिर
में dandruff होसकता है और ये रुसी स्कैल्प को कमज़ोर करदेती है।
बच्चों के सिर में भी अक्सर रुसी होजाती है जिसे cradle cap कहते हैं, हालाँकि बच्चो में होने वाली रुसी अपने आप ही ठीक होजाती है लेकिन फिर भी आपको mild hair oil से बच्चों के सिर पर massage करनी चाहिए जिससे क्रैडल कैप की कंडीशन जल्दी ठीक होपाये।
रुसी के कारण (Causes of Dandruff)
सिर में रूसी होने के कई कारण होसकते हैं जैसे-
स्कैल्प की सफाई न रखना
रुसी होने का एक बहुत बड़ा कारण होता है सिर में गंदगी का जमा होना, जब सिर में धुल मिटटी के कण रहजाते है और सही से स्कैल्प की सफाई नहीं की जाती तो ये डैंड्रफ को बुलावा दे सकता है इसके साथ ही बालों में ठीक से comb न करना भी इसकी एक बहुत बड़ी वजह होसकती है।
खाने में जिंक और विटामिन्स की कमी होना
हमारे बालों को स्वस्थ और मज़बूत बनाये रखने के लिए विटामिन और मिनरल्स की बहुत ज़रूरत है जिनमें जिंक, vitamin E और vitamin H (Biotin ) मुख्य हैं । इन पोषक तत्वों की हमारे शरीर को कम मात्रा में ज़रूरत होती है लेकिन इनका कार्य बहुत महत्वपूर्ण है, इनके अभाव में हमारे बाल अस्वस्थ होजाते हैं और आसानी से टूटने लगते हैं।
स्कैप्ल का रूखापन और हाइड्रेशन की कमी
जिस प्रकार ऑयली स्कैल्प डैंड्रफ को बुलावा देता है ठीक उसी प्रकार सिर की त्वचा की अत्यधिक dryness भी रुसी का एक बहुत कारण होसकता है। ये dryness पानी की कमी के कारण भी हो सकती है क्योंकि पानी हमारे शरीर का अहम का अहम हिस्सा है जोकि हमारे बालों और त्वचा को चमकदार, स्वस्थ व सुंदर बनाये रखता है।
वात्त पित्त दोष होना
शरीर में वात्त पित्त असंतुलन से भी रुसी की समस्या होजाती है क्योंकि ऐसी स्थिति में सिर के रोम छिद्र बंद होजाते हैं, स्कैल्प रूखा होजाता है और साथ ही hair follicles भी कमज़ोर होजाते हैं।
मालासेज़िया
malassezia एक प्रकार का फंगस है जोकि स्कैल्प पर जब अटैक करता है तो सफ़ेद परत सिर में जम जाती है और ये परत सूखकर रुसी के रूप में झड़ने लगती है। इस फंगस के कारण रुसी होने के chances बहुत बढ़ जाते हैं, इस परजीवी के कारण होने वाली रुसी के साथ साथ स्कैल्प में सूजन, खुजली और रेडनेस की समस्या भी होजाती है।
त्वचा सम्बन्धी रोग के कारण
कुछ त्वचा सम्बन्धी बीमारियां जैसे सोराइसिस, सेबोरिक डर्मेटाइटिस, एक्जिमा आदि होने के कारण भी त्वचा में रूखापन आजाता है स्कैल्प का pH बदल जाता है और इसी बदलाव के कारण डैंड्रफ होजाता है।
नींद पूरी न होना
नींद पूरी न होना, बहुत ज़्यादा चिंता व तनाव में रहने के कारण शरीर में hormones का level बिगड़ जाता है जिससे स्कैल्प में बदलाव होता है और इसी कारणवश कारण भी रूसी होसकती है।
अन्य कारण
- Hair care products और Hair styling equipments के ज़्यादा इस्तेमाल के कारण होने वाले हीट डैमेज के कारण भी स्कैल्प बहुत रूखा या बहुत oily होसकता है और ये डैंड्रफ का कारण बन सकता है ।
- सर्दियों में बहुत तेज़ गर्म पानी के इस्तेमाल के कारण बालों और सिर की त्वचा को नुकसान पहुँचता है और रुसी होसकती है।
- harsh केमिकल से युक्त शैम्पू का इस्तेमाल करने से भी रुसी की समस्या होसकती है।
- खुले बालों में सड़कों पर घूमने से धुल मिटटी और गंदगी सर में जम जाती है और डैंड्रफ होसकता है।
- ज़्यादा देर तक सूर्ये की किरणों के contact में रहने से भी रुसी होजाती है।
- स्टेरॉयड मेडिसिन का लम्बे समय तक इस्तेमाल करने से hormones disbalance होजाते हैं इसके कारण भी रूसी की समस्या होजाती है।
रुसी के लक्षण (Symptoms of dandruff)
- स्कैल्प में सफ़ेद रंग के चक्क्ते बनजाना जो बालों के अंदर होते हैं और बालों को कमज़ोर करते हैं।
- सिर में खुजली होना
- स्कैल्प से पपड़ीनुमा पदार्थ का झड़ना
- स्कैल्प में सूजन और दाने होना
- फंगल इन्फेक्शन आदि
रुसी दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय (Ayurvedic remedies to fight off dandruff)
रुसी दूर करने के लिए आप कुछ आयुर्वेदिक चीज़ों का इस्तेमाल करसकते हैं जिससे आपको इस समस्या को दूर करने में काफी फयदा मिलेगा और आपके बाल भी लम्बे, घने, मज़बूत और पहले से सुंदर होजाते हैं।
नीम की पत्तियों का इस्तेमाल– रुसी को दूर करने के लिए नीम की पत्तियों का इस्तेमाल किया जासकता है, इसके लिए पहले नीम की पत्तियों को सुखाकर पाउडर बना लेना है फिर थोड़े गर्म पानी में उस पाउडर की सहायता से पेस्ट तैयार करलेना है और स्कैल्प पर मालिश करके 10 मिनट बाद सिर को धो लेना चाहिए। ऐसा करने से रुसी की समस्या तो दूर होगी ही, साथ ही बाल मुलायम हो जायँगे और स्कैल्प में उपस्थित germs भी खत्म होजाते हैं।
नीम्बू का रस– lemon juice को सरसों के तेल या कोकोनट आयल में mix करके स्कैल्प पर massage करने से रुसी की समस्या दूर होजाती है साथ ही बालों को पोषण भी मिलता है।
अंडा– अंडे में बायोटिन होता है जोकि बालों की ग्रोथ के लिए बहुत अच्छा होता है साथ ही अंडा रुसी दूर करने में बहुत कारगर है और बालों को conditioning प्रदान करता है।
दही– दही को हेयर मास्क की तरह लगाकर एक घंटे बाद माइल्ड शैम्पू से धो लेना चाहिए इससे डैंड्रफ भी दूर होता है और बाल बहुत मुलायम, चमकदार और सुंदर होजाते हैं।
टी ट्री आयल– इसमें एंटी फंगल गुण होते हैं और अगर फंगल इन्फेक्शन के कारण रूसी हुई है तो इसका इस्तेमाल करने से आपको काफी फयदा मिलेगा। कुछ बूंदे इस तेल की लेकर मालिश करनी चाहिए और उसके एक घंटा बाद सिर धो लेना चाहिए।
ब्राह्मी– ब्राह्मी का इस्तेमाल भी रूसी दूर करने में किया जासकता है, इसके लिए आप ब्राह्मी को दही या मेहँदी (henna) में मिलाकर एक हेयर पैक तैय्यार करसकते हैं और फिर उसे अप्लाई करके आधे घंटे बाद सिर वाश करसकते हैं।
आमला– आमला के बालों और त्वचा सम्बन्धी फयदे तो कौन नहीं जनता है, आमला में विटामिन सी और एंटी ऑक्सीडेंट्स बहुत अच्छी मात्रा में होते हैं जो स्कैल्प को पोषण देते हैं और रूसी को दूर करने में सहायक है। आप अमला का पाउडर बनाकर दही में मिलाकर पैक के रूप में अप्लाई करसकते हैं या फिर आमला के तेल की massage भी कर सकते हैं इससे आपको काफी फयदा मिलेगा।
तो हम कह सकते हैं कि इन सभी आयुर्वेदिक तरीकों का इस्तेमाल, केमिकलयुक्त शैम्पू और तेल से कई गुना बेहतर है क्योंकि इनसे रूसी दूर हो जाती है, कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होते और आपके बालों की नेचुरल ख़ूबसूरती बानी रहती है।
