डाबर का लिंग वर्धक तेल कौन सा आता है। Dabur Penis Enlargement Oils


डाबर हनी का ऐड और डाबर च्यवनप्राश का विज्ञापन तो हम लोग बचपन से टीवी पर देखते आ रहे हैं। इसीलिए हम कह सकते हैं, कि अगर आयुर्वेद की बात की जाए, तो डाबर और झंडू दो ऐसी कंपनियां हैं, जिनसे भारतीय लोगों कि सबसे पुरानी जान पहचान है।

डाबर कंपनी की शुरुवात आज से कई दशक पहले 1984 में  औपचारिक रूप से आयुर्वेदिक कंपनी के तौर पर लॉन्च हुई, जबकि इसकी दवाएं बर्मन परिवार द्वारा 130 सालों से भी पहले से बनाए जाते का दावा किया जाता रहा है।

डाबर भारत एक एक विश्वसनीय आयुर्वेदिक ब्रांड है, जो कि अपने प्रभावशाली आयुर्वेदिक उत्पादों के लिए जाना जाता रहा है।

अगर बात यौन शक्ति वर्धक दवाओं की करें, डाबर ने इस विभाग में भी कई दवाएं मार्केट में उतरी हुई हैं, और इन दवाओं के बारे में इस पोस्ट में हम आपको बताने जा रहे हैं।

क्या होती हैं, लिंग वर्धक आयुर्वेदिक और हर्बल दवाएं

लिंग वर्धक मतलब वो युक्ति और दवा जो संभोग के समय खड़े लिंग की लंबाई और मोटाई बढ़ा दें, उनको लिंग वर्धक कहा जाता है। जो दवाएं, लिंग में रक्त प्रवाह बढ़ाती हैं, और लिंग को लंबा मोटा और कठोर करती हैं, उनको लिंग वर्धक दवाएं कहते हैं। साथ ही वो युक्तियाँ और व्यायाम जो लिंग का साइज़ बढ़ा सकती हैं, जैसे लिंग वर्धक यंत्र, और केगेल व्यायाम भी लिंग वर्धक कही जा सकती हैं।

ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं है, कि दवाओं का सेवन करने या व्यायाम करने से लिंग स्थायी रूप से लंबा होता है। लेकिन संभोग के समय लिंग में रक्त का प्रवाह बढ़ाकर लिंग को बड़ा किया जा सकता है।

डाबर की लिंग वर्धक दवाएं

Dabur Shila X Oil

Dabur Shila X Oil शिलाजीत, केसर और श्री गोपाल तेल को तिल आदि के तेल में पकाकर बनाया जाता है। श्री गोपाल तेल अपने आप में एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक तेल है, जो प्राचीन काल से ही आयुर्वेद के ग्रंथों मे लिख दिया गया था। श्री गोपाल तेल में 40 से भी अधिक विभिन्न दुर्लभ जड़ी बूटियों जैसे अश्वगंधा आदि का प्रयो किया जाता है।

Dabur Shila X तेल लिंग मे तनाव बढ़ाने के लिए बनाया गया है, जिसकी निरंतर लिंग पर मालिश करने से लिंग में आई शिथिलता दूर होती है, और लिंग कठोर हो जाता है।

डाबर शिला एक्स तेल एक सुरक्षित तेल है, जिसको लिंग पर मलने में किसी भी तरह कि जलन या खुजली नहीं होती है।

डाबर शिला एक्स ऑइल के घटक द्रव्य

• शिलाजीत
• क्लोव ऑयल
• श्री गोपाल तेल
• शतावरी
• अश्वगंधा
• अमला
• श्वेत चंदन
• जीवंती
• कमल
• कुमकुम
• शुष्क मेल
• उत्पला

Dabur Shila X Oil इस्तेमाल करने का तरीका

इस लिंग वर्धक तेल को इस्तेमाल करना काफी आसान है। और इसको कोई भी व्यसक पुरुष प्रयोग कर सकता है। बस आपको पहले अपने लिंग को धोकर किसी धुले हुए कपड़े से सुखा लेना होता है। ताकि उसमे किसी भी तरह कि नमी न रह जाए। उसके बाद आपको कुछ बुँदे तेल की अपनी उंगलियों पर लेनी होती हैं, और उसकी अच्छी तरह लिंग पर मालिश करनी होती है। आपको लिंग औ रुसके चारों तरफ के भाग की अच्छी तरह मालिश करनी होती है। याद रखिए अगर मालिश करते हुए लिंग मे तनाव ज़्यादा बढ़ जाए, तो मालिश रोक देनी होती है। क्योंकि अगर आप लगातार मालिश करते रहेंगे तो वीर्य निकल सकता है। कुहक seconds रुककर आप दोबारा से मालिश शुरू कर सकते हैं। लगभग 15 मिनट मालिश करने के बाद आप किसी कपड़े से लिंग को साफ कर लें। और आप चाहे तो आधा घनटे बाद लिंग को धो सकते हैं।

Dabur Laal Tel

आपको सुनकर थोड़ा अजीब लगेगा, कि डाबर लाल तेल भला कैसे लिंग वर्धक तेल हो सकता है। लेकिन आपको ये जान लेना चाहिए कि दबार लाल तेल भले ही शरीर की मालिश के लिए बनाया गया है, लेकिन ये लिंग की मालिश के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। क्योंकि इसमे विभिन्न ऐसी जड़ी बूटियों का प्रयोग किया गया है, जो त्वचा और नसों को न केवल पोषण प्रदान करते हैं, बल्कि इसकी मालिश से लिंग में रक्त प्रवाह बढ़ जाता है। डाबर लाल तेल की मालिश से लिंग को रक्त पोहचाने वाली बड़ी नस pudent artery में गर्माहट पैदा करता है, और ये न्यास ज़्यादा क्षमता के साथ रक्त को आगे की तरफ धकेलती है। नतीजा ये होता है, कि लिंग के अंदरूनी नसों के जाल में उत्तेजना के समय अधिक रक्त इकठ्ठा होता है, और लिंग संभोग के समय लंबा मोटा और कठोर हो सकता है।

डाबर लाल तेल के घटक  द्रव्य

डाबर लाल तेल में उपयोगी जड़ी बूटियों जैसे रतनजोत, कपूर, तिल, शंखपुष्पी आदि। और ये जड़ी बूटियाँ हड्डियों और त्वचा को पोषण देने के लिए चुनी गई हैं।

लिंग की मालिश के लिए डाबर लाल तेल का प्रयोग कैसे करें

चूंकि डाबर लाल तेल खासतौर से लिंग की मालिश के लिए नहीं बल्कि पूरे शरीर की मालिश के लिए बनाया गया है। और हम सब जानते हैं, कि लिंग एक अति संवेदनशील अंग होता है। इसलिए अगर लिंग पर इसकी मालिश से किसी तरह की जलन होती है। तो आपको इसका प्रयोग रोक देना चाहिए। बाकी इसको लिंग पर लगाने का तरीका वही होता है। आपको तेल की कुछ बुँदे लेकआर लिंग पर अच्छी तरह फैला लेनी होती हैं। और फिर मुट्ठी बनाकर पीछे से आगे की तरफ लिंग की मालिश करनी होती है।

Dabur Mahanarayn Tel

महानारायन तेल आयुर्वेद का एक प्राचीन शास्त्रीय योग है, जो खासतौर से दर्द से राहत के लिए बनाया गया है। इस तेल की जोड़ों और गुम चोट पर मालिश करने से दर्द में राहत मिलती है। डाबर महानारायन तेल में कई सारी दुर्लभ और असरदार जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया गया है। जो लिंग पर मालिश करने से लिंग की धमनियों में रक्त प्रवाह बढ़ाती हैं, और लिंग कि तंत्रिकाओं और मांसपेशियों को शक्ति देती हैं। आपको जानकर हैरानी होगी, कि डाबर महानारायन लिंग वर्धक तेल में केसर, नागरमोथा, दलीचीनी, कपूर, शतावरी, मुलेठी, छोटी इलाईची, गुग्गुल, नागकेसर, हल्दी, देवदारु, पुनर्नवा, गोखरू और कई ऐसी जड़ी बूटियाँ इस्तेमाल कि गई हैं, जो ऐसे गुणों से युक्त होती हैं, कि वो त्वचा की ऊपरी सतह को भेदकर गहराई तक जाकर मांस, रक्त और हड्डियों के उत्तकों को शक्ति दे सकें।

डाबर महानारायन तेल के घटक द्रव्य (Dabur Mahanarayan Tel Ingredients)

Bilva – Bael (root) – Aegle marmelos
Ashwagandha – Winter Cherry / Indian ginseng – Withania somnifera
Brihati – Indian Nightshade (root) – Solanum indicum
Swadamshtra – Tribulus terrestris
Shyonaka – Oroxylum indicum
Bala – Country mallow (root) – Sida cordifolia
Paribhadra – Erythrina variegate
Kshudra – Solanum xanthocarpum
Kathila – Boerhaavia diffusa
Atibala – Abutilon indicum
Agnimantha – Premna corymbosa / mucronata Root
Prasarini – Paederia foetida
Patala – Trumpet (root) – Sterospermum suaveolens
Water for decoction – 98.304 liters, boiled and reduced to 24.576 liters.
Taila – Oil of Sesamum indicum – 6.144 kg
Ajadugdha – Goat milk – 6.144 liters
Shatavari – Asparagus racemosus – juice extract – 6.144 liters
Paste prepared with 96 g of fine powder of each of –
Rasna- Pluchea lanceolata
Ashwagandha – Winter Cherry / Indian ginseng (root) – Withania somnifera
Mishi – Indian Dill (fruit) 0 Anethum sowa / Peucedanum graveolens
Daru – Himalayan Cedar (bark) – Cedrus deodara
Kushta – Saussurea lappa
Shalaparni – Desmodium gangeticum
Prishniparni – Root – Uraria picta
Mudgaparni – Phaseolus trilobus
Mashaparni – Teramnus labialis Spreng.
Agaru – Aquilaria agallocha
Nagakeshara – Mesua ferrea
Saindhava – Rock Salt
Mamsi – Nardostachys jatamansi
Haridra – Turmeric Rhizome – Curcuma Longa
Daruharidra – Tree turmeric (stem) – Berberis aristata
Shaileya – Parmelia perlata
Chandana – Pterocarpus santalinus
Pushkara – Inula racemosa
Ela – Cardamom – Elettaria cardamomum
Manjishta – Indian Madder (root) – Rubia cordifolia
Yashtimadhu – Licorice – Glycyrrhiza glabra
Tagara – Indian Valerian (root) – Valeriana wallichi
Abda – Nut grass (root) – Cyperus rotundus
Patra – Cinnamomum tamala
Bhringaraja – Eclipta alba
Jivaka – Malaxis acuminata D.Don / Microstylis wallichii Lindl.
Rishabhaka – Manilkara hexandra (Roxb.) Dubard / Mimusoops hexandra Roxb.
Meda – Polygonatum cirrhifolium
Mahameda – Polygonatum verticillatum
Kakoli – Fritillaria roylei
Ksheera Kakolii – Lilium polyphyllum
Riddhi – Habenaria intermedia
Vriddhi – Habenaria intermedia
Ambu – Pavonia odorata
Vacha – Sweet flag (rhizome) – Acorus calamus
Sthauneya – Clerodendrum infortunatum Linn./ viscosum Vent. Gaertn.
Vrishchikali – Boerhavia erecta
Choraka – Angelica glauca
Karpoora – Camphor – Cinnamomum camphora – 48 g
Kashmeera – Saffron – Crocus sativus – 48 g
Mrigamada – Musk – 48 g

How to use Mahanarayan Tel for Ling

महानारायां तेल दूसरे लिंग वर्धक तेलों कि तरह ही लिंग पर  मालिश कर लिया जाता है। लगभग 5 से 10 मिनट तक हल्के हाथ से मुठ्ठी बनाकर इस तेल की लिंग पर मालिश करें। और आधे घंटे बाद लिंग को गुनगुने पानी से धो लें। हफ्ते में कम से कम तीन बार लिंग की इस तेल से मालिश करने से लाभ मिलता है।

 

 

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